पेपर लीक और घोटालों पर देहरादून में बवाल: कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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उत्तराखंड में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती घोटालों, परीक्षाओं के निरस्तीकरण और बढ़ती बेरोजगारी के गंभीर मुद्दों को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी, देहरादून ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की राष्ट्रपति के नाम देहरादून के जिलाधिकारी को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

डॉ. गोगी ने कहा कि वर्षों तक कड़ी मेहनत करने वाले छात्र बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी के कारण मानसिक तनाव, असुरक्षा और भारी निराशा का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने देहरादून की होनहार छात्रा रिया कुमारी थापा की दुखद आत्महत्या का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए इस बात पर गहरा दुख जताया कि परीक्षा संबंधी अनिश्चितताओं और बढ़ते मानसिक दबाव ने युवाओं को अवसाद की स्थिति में पहुंचा दिया है, जो कि हमारी असंवेदनशील व्यवस्था का एक आईना है। भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सख्त नकल विरोधी कानून का ढिंढोरा पीटती है, तो दूसरी तरफ पटवारी परीक्षा जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर भी लीक हो जाते हैं।

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कांग्रेस का आरोप है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड हाकम सिंह सरकार की कमजोर पैरवी के कारण जेल से रिहा हुआ और उसके बाहर आते ही दोबारा पेपर लीक की घटनाएं सामने आने लगीं, जिससे साफ है कि वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।राहुल गांधी के हालिया कोटा दौरे का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि साल 2017 में एनटीए (NTA) के गठन के बाद से देश में अब तक 89 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं और 49 परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ी हैं।

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इस अवसर पर कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि भर्ती घोटालों की समयबद्ध जांच कराई जाए, नकल माफिया के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, तथा परीक्षार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी परामर्श व्यवस्था लागू की जाए। इस मौके पर अर्जुन पासी, जितेंद्र तनेजा, राजेश पुंढिर, राजीव प्रजापति, सुनील थपलियाल, संजय उनियाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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