उत्तराखंड में बागवानी और नर्सरी के लिए मिलेगी ₹4 करोड़ तक की सब्सिडी

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देश में रासायनिक खाद की कमी नहीं लेकिन मैं कहता हूं रासायनिक खाद उतनी ही डालें जितनी खेत को जरूरत है। रासयनिक खाद उस केंचुएं को मार रही है जो धरती मां की सेवा करता है मिट्टी को भुरभुरा बनाता है। केंचुए को जिंदा रखना है तो प्राकृतिक खेती की ओर आना होगा और गोबर-गोमूत्र से तैयार खाद को अपनाना होगा ताकि धरती मां की सेहत दुरुस्त रहे।

ये बात उत्तराखंड के रुद्रपुर में केद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उस वक्त कही, जब उन्होने रुद्रपुर से उत्तराखंड में खेत बचाओ अभियान का आगाज किया। इस दौरान केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह ने केंद्र सरकार की कई किसान कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। बदलते मौसम के दौर में खेती-किसानी को जिंदा रखने की बात की और नुकसान से बचने के लिए किसानो से कृषि बीमा योजना अपनाने की गुजारिश।

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शिवराज चौहान ने इस दौरान सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कृषि और बागवानी के किए जा रहे प्रयासों की जमकर तारीफ की। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा राज्य में खेती-किसानी और बागवानी के विकास के लिए जो योजनाएं बनाई है उनको अमलीजामा बनाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से साथ खड़ी है।

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केद्रीय मंत्री ने कहा सीएम धामी ने राज्य में बागवानी की अपार संभावनाओं का जिक्र केंद्र सरकार से किया। जिस पर केद्र सरकार ने मदद की पहल की है। चौहान ने कहा केंद्र सरकार राज्य के बागवानो को रोग मुक्त पौधे मिलें इसके लिए क्लीनिंग सेंटर बनाया जाएगा साथ ही साथ नर्सरी का विकास भी किया जाएगा।

राज्य में नर्सरियों के लिए निजी क्षेत्र में दो से चार करोड़ की सब्सिडी देगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, उत्तराखंड में सेब से लेकर आडू, अखरोट, ड्रेगन फ्रूट, बदाम और कीवी तक के विकास के लिए काम किया जाएगा । खेत को बचाने के लिए घेरबाड़ से लेकर प्राकृतिक खेती तक हर एक पर जोर दिया जाएगा।

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उत्तराखंड की धामी सरकार को कृषि और बागवानी में जिस भी तरह की केंद्र सरकार से मदद चाहिए उसे हर हाल में मिलेगी। हम भी चाहते हैं कि पुष्कर धामी के नेतृत्व में राज्य के खेत आबाद रहें और किसान खुशहाल।

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