उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस अभियान के तहत अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्मों का वितरण किया जा चुका है और करीब 12 प्रतिशत फार्मों को डिजिटल भी कर दिया गया है।
राज्य के चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जैसे 5 जनपदों में 99 प्रतिशत से अधिक फार्म बांटे जा चुके हैं, जबकि सबसे कम प्रगति वाले देहरादून में 95 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में 96-97 प्रतिशत वितरण हो चुका है।

फार्मों को डिजिटाइज करने के मामले में अल्मोड़ा (33%), पौड़ी (25%) और पिथौरागढ़ (23%) सबसे आगे हैं। इस पूरे अभियान को पारदर्शी बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा राज्य में 22 हजार 900 बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए गए हैं और इस संबंध में 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भविष्य की समयसीमा की जानकारी देते हुए बताया कि 7 जुलाई 2026 तक गणना फार्मों के वितरण और संकलन के बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन होगा।
जनता को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक का समय मिलेगा, जिनका निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी करके कर दिया जाएगा। अंततः, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक का लाभ देते हुए आयोग ने मतदाताओं को ‘ईसीआई नेट ऐप’ माध्यम से ऑनलाइन गणना फार्म भरने की सुविधा दी है, साथ ही एक अनोखा फीचर ”बुक ए कॉल विद बीएलओ” भी शुरू किया है जिससे लोग एक क्लिक पर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा, आम जनता की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की ऐतिहासिक वोटर लिस्ट भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट https://ceo.uk.gov.in पर अपलोड कर दी गई है, जहां कोई भी नागरिक अपने नाम, पिता/पति के नाम, विधानसभा क्षेत्र या फिर अपने गली-मोहल्ले के नाम से भी अपना भाग संख्या और मतदाता क्रमांक आसानी से खोज सकता है।

