नशे के काले कारोबार का ‘शाहरुख कनेक्शन’! मामले की हुई जांच तो नेताओं के घर तक भी पहुंचेगी आँच…..

ख़बर शेयर करें

पड़ोसी राज्य में बैठकर दूसरे राज्यों में नेटवर्क चलाने के आरोप, 2020-21 में भी जेल जा चुका है शिवम गुप्ता उर्फ शाहरुख, बड़े घरानों से कथित नजदीकियों और राजनीतिक संरक्षण को लेकर उठ रहे सवाल

देहरादून। नशे का काला कारोबार सिर्फ चंद तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कितनी दूर तक फैले हो सकते हैं, इसकी चर्चा इन दिनों एक नाम को लेकर खूब हो रही है….नाम है शाहरुख उर्फ शिवम गुप्ता उर्फ साहिल। बताया जा रहा है कि रहने वाला पड़ोसी राज्य का यह शख्स दूसरे राज्यों में भी अपना नेटवर्क संचालित करने की कोशिशों में जुटा है। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच इसकी कथित सक्रियता और बड़े घरानों तक पहुंच को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शाहरुख उर्फ शिवम गुप्ता के पीछे कौन-कौन से चेहरे हैं? क्या इसके कथित नेटवर्क में रसूखदार परिवारों से जुड़े लोग भी शामिल हैं? चर्चाएं तो यहां तक हैं कि कुछ प्रभावशाली नेताओं के परिजनों की नजदीकियां भी इससे बताई जा रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच होना अभी बाकी है।

यह भी पढ़ें -  चमोली: इस सीजन के लिए बंद हुई विश्व प्रसिद्ध 'फूलों की घाटी', 35 हजार से अधिक पर्यटकों ने रचा नया रिकॉर्ड

इस पूरे मामले में एक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि वर्ष 2020-21 के दौरान भी कथित कारनामों के चलते शाहरुख को जेल जाना पड़ा था। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि पहले भी कानून का शिकंजा कस चुका था तो आखिर अब किन परिस्थितियों में इसका कथित नेटवर्क दोबारा सक्रिय होने की चर्चाएं सामने आ रही हैं?

मामले को और दिलचस्प बनाने वाली बात एक कथित वित्तीय लेनदेन है। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि हाल ही में प्रभावशाली नेता के पुत्र के माध्यम से शाहरुख के साथ लाखो रुपये का लेनदेन कर चुका है। जैसे ही इस लेनदेन की बात संबंधित नेता तक पहुंचने की चर्चा हुई, राजनीतिक गलियारों में हलचल मचने की बातें सामने आने लगीं। अब सवाल यह है कि रकम किस उद्देश्य से पहुंची? क्या यह सामान्य कारोबारी लेनदेन था या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? इसका जवाब बैंकिंग रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।

यह भी पढ़ें -  कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और शिकायतकर्ता से 3 नवंबर तक मांगा जवाब

इस पूरे घटनाक्रम में एक और नाम की चर्चा है। बताया जाता है कि संबंधित नेता के इर्द-गिर्द रहने वाला एक व्यक्ति भी शाहरुख से जुड़े एक मोबाइल कारोबारी के संपर्क में है। इस व्यक्ति के बारे में भी दावा किया जा रहा है कि वह पहले ही महिला से छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस कारोबारी को किसका संरक्षण हासिल है और क्या राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके किसी संदिग्ध नेटवर्क को मदद पहुंचाई जा रही है?

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड पुलिस को मिली नई पहचान: सीएम धामी ने नए ध्वज, प्रतीक चिह्न और सेरेमोनियल वर्दी का किया अनावरण

नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई और जीरो टॉलरेंस की बातें अपनी जगह हैं, लेकिन यदि नशे के सौदागरों के तार रसूखदार परिवारों और राजनीतिक गलियारों तक पहुंचने की चर्चाएं हैं तो इसकी तह तक जाना भी जरूरी है। आखिर कौन हैं वे चेहरे, जिनकी कथित नजदीकियां इस पूरे नेटवर्क को मजबूती दे रही हैं?

फिलहाल शाहरुख उर्फ शिवम गुप्ता से जुड़े कथित नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और राजनीतिक संपर्कों को लेकर कई सवाल हवा में तैर रहे हैं। इन सवालों का जवाब किसी राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, बैंक खातों के लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल से ही मिल सकता है। नशे का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है कि अगर इस काले कारोबार के पीछे कोई रसूखदार चेहरा है तो क्या जांच की आंच वहां तक भी पहुंचेगी?