चमोली: इस सीजन के लिए बंद हुई विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’, 35 हजार से अधिक पर्यटकों ने रचा नया रिकॉर्ड

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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को शनिवार 31 अक्टूबर को इस यात्रा सीजन के लिए पर्यटकों की आवाजाही हेतु औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया। 1 जून को सैलानियों के लिए खोली गई इस घाटी ने करीब पांच माह के सीजन में रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ अब तक के सभी पुराने कीर्तिमान तोड़ दिए हैं।

वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष रिकॉर्ड 35,261 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का दीदार किया, जो इसके इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ वनस्पतियों और समृद्ध जैव विविधता से समृद्ध यह घाटी पूरे सीजन दुनिया भर के प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।

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वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 35,261 पर्यटकों में 34,996 भारतीय और 265 विदेशी सैलानी शामिल रहे। भारतीय सैलानियों में 21,306 पुरुष, 8,604 महिलाएं, 4,431 विद्यार्थी व शोधकर्ता, 531 वरिष्ठ नागरिक और 124 बच्चे शामिल थे। वहीं विदेशी पर्यटकों में 127 पुरुष और 138 महिलाओं ने घाटी की अद्भुत सुंदरता का आनंद लिया।

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पर्यटकों की इस अभूतपूर्व आवाजाही से वन विभाग को कुल 67 लाख 7 हजार 500 रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। सैलानियों की भारी आमद से वन विभाग के राजस्व में इजाफा होने के साथ-साथ स्थानीय होमस्टे, गाइड और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन मिला है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से 27 सितंबर को अत्यधिक बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के चलते घाटी को एहतियातन एक दिन के लिए बंद रखा गया था। हालांकि इस अल्पकालिक व्यवधान के बावजूद सैलानियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और पर्यटकों की आमद ने नया इतिहास रच दिया।

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हिमालय की वादियों में स्थित फूलों की घाटी अपने रंग-बिरंगे फूलों की सैकड़ों दुर्लभ प्रजातियों और विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विश्वभर में विख्यात है। इस सीजन दर्ज हुई रिकॉर्ड उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर फूलों की घाटी की सर्वोपरि लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया है।