देहरादून: ‘गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव’ में पहुंचे CM धामी, की कई बड़ी घोषणाएं

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट में आयोजित ‘गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026’ में शिरकत की। वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने गोरखा समाज को पर्व की बधाई दी और क्षेत्र के बुनियादी विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि दशैं का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय और दीपावली अंधकार पर प्रकाश का प्रतीक है। उन्होंने गोरखा समाज के शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि “कायर हुनुभन्दा मर्नु राम्रो” का आदर्श वाक्य इस समाज के अदम्य साहस और स्वाभिमान को बखूबी बयां करता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखा समाज ने देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उत्तराखंड के निर्माण और प्रगति में अहम भूमिका निभाई है। राज्य सरकार इनकी संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में नेपाली भाषा के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नेपाली भाषा और साहित्य को संस्थागत बढ़ावा देने के लिए नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की ठोस पहल की जा रही है, जिससे युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे।

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भारत-नेपाल के पौराणिक और सामाजिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए सीएम धामी ने कहा कि दोनों देशों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का आत्मीय रिश्ता है। सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना, धारचूला में छारछुम पुल और बनबसा में ₹368.28 करोड़ की लागत से एकीकृत चेक पोस्ट का निर्माण तेजी से जारी है। इसके अलावा, भारतमाला परियोजना के तहत सितारगंज-टनकपुर मार्ग से बनबसा सीमा तक ₹246.86 करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सीएम ने बताया कि इन परियोजनाओं से सीमावर्ती इलाकों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। साथ ही, उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, वीर गोरखा कल्याण समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।