देहरादून। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अडानी पावर लिमिटेड के बीच 25 वर्षों के लिए 1234 मेगावाट बिजली खरीद के समझौते और टैरिफ को औपचारिक मंजूरी दे दी है। देहरादून में आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने इस अहम याचिका पर फैसला सुनाते हुए 5.746 रुपये प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर को स्वीकृति प्रदान की है। इस दीर्घकालिक समझौते से प्रदेश के उपभोक्ताओं को भविष्य में सस्ती और निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस महत्वपूर्ण पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत राज्य को वित्तीय वर्ष 2030-31 से 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। इससे गर्मियों और सर्दियों के दौरान अक्सर गहराने वाले बिजली संकट के साथ-साथ एक्सचेंज से महंगे दामों पर बिजली खरीदने की मजबूरी से पूरी तरह निजात मिलेगी। केंद्र सरकार की शक्ति नीति के अंतर्गत राज्य को मिले कोयला लिंकेज का उपयोग करते हुए 1320 मेगावाट क्षमता के ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट से यह बिजली जुटाई जाएगी।
नियामक आयोग ने देश के अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और बिहार के हालिया पावर टेंडरों से तुलना करने के बाद पाया कि बाजार रुख के हिसाब से अडानी पावर का 5.746 रुपये प्रति यूनिट का रेट बेहद उचित है। इस स्वीकृत दर में 4.300 रुपये प्रति यूनिट का बेस फिक्स्ड चार्ज और 1.446 रुपये प्रति यूनिट का ईंधन व परिवहन चार्ज शामिल है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे उपभोक्ताओं को बाजार की महंगी बिजली से राहत मिलेगी और ढाई दशक तक किफायती दरों पर बिजली उपलब्ध रहेगी।
परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान किसी भी तरह के बदलाव या अतिरिक्त दावों के संबंध में आयोग ने कंपनी को खुली छूट देने से इंकार कर दिया है। इस अंतिम फैसले के बाद अब यूपीसीएल और अडानी पावर के बीच औपचारिक अनुबंध हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान तकनीकी रूप से पांच कंपनियां पात्र पाई गई थीं, जिनमें से तीन कंपनियों ने अपनी वित्तीय बोलियां प्रस्तुत की थीं। इसमें अडानी पावर ने 5.746 रुपये, एमबी पावर ने 6.237 रुपये और ललितपुर पावर ने 6.750 रुपये प्रति यूनिट की बोली लगाई थी। तीनों कंपनियों का बेसिक फ्यूल चार्ज समान (1.147 रुपये) था, लेकिन खदान से प्लांट की कम दूरी और कम ढुलाई खर्च (0.299 रुपये प्रति यूनिट) के चलते यह मेगा प्रोजेक्ट सबसे कम दर देने वाली अडानी पावर को आवंटित हुआ।

