रुड़की: फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में मांगी 5 लाख की घूस, दो दरोगाओं पर FIR दर्ज

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रुड़की। रुड़की में एक किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत लेने और मांगने के गंभीर आरोपों के बीच दो तत्कालीन दरोगाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी देहात अभय प्रताप सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका की मां द्वारा उपलब्ध कराई गई पुख्ता ऑडियो-रिकॉर्डिंग और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

सामने आए विवरण के अनुसार, इस प्रकरण की विवेचना के दौरान तत्कालीन दरोगा मनदीप सिंह पर फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर पीड़ित परिवार से 3.50 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप है। इसके बाद जब मामले की दोबारा विवेचना शुरू हुई, तो दूसरे तत्कालीन दरोगा बलवंत पवार ने भी एफआर लगाने के एवज में पांच लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग कर डाली।

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आरोप है कि दरोगाओं द्वारा मांगी गई मनचाही रकम न देने की स्थिति में पीड़ित परिवार को झूठे और गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं। इस प्रकार के पुलिसिया उत्पीड़न और भ्रष्टाचार से तंग आकर परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए मामले से जुड़े तमाम डिजिटल साक्ष्य उच्चाधिकारियों के समक्ष रखे।

यह पूरा आपराधिक मामला पांच जुलाई 2023 को गंगनहर कोतवाली में दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने की मूल प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। रुड़की के गणेश विहार क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रही थी।

देहरादून में पठन-पाठन के दौरान किशोरी की मुलाकात एक रूम पार्टनर के भाई से हुई थी। आरोप है कि उस युवक ने कथित तौर पर बेटी का सिम कार्ड बदल दिया और चार आरोपी मिलकर किशोरी को लगातार ब्लैकमेल व प्रताड़ित करने लगे। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से घबराकर किशोरी ने देहरादून में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और वापस रुड़की लौट आई। हालांकि, घर लौटने के बाद भी आरोपियों की तरफ से उसकी प्रताड़ना का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।

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इस निरंतर मानसिक उत्पीड़न के कारण गहरे अवसाद में आकर किशोरी ने चार फरवरी 2023 को अपने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस घटना से जुड़े मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं और बागपत जिलों के रहने वाले हैं।

बेटी की अकाल मृत्यु के बाद न्याय की आस में बैठी किशोरी की मां ने तत्कालीन एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के पास पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी. अपनी शिकायत के समर्थन में मां ने दरोगाओं द्वारा रिश्वत मांगे जाने से जुड़ी महत्वपूर्ण ऑडियो-रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंप दी थी।

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वर्तमान एसपी देहात अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पूर्व में की गई जांच रिपोर्ट और मृतका की मां द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया गया है. इसी आधार पर दोनों आरोपित दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी ऑडियो साक्ष्यों और दस्तावेजों को आधार बनाकर इस संवेदनशील प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।