उत्तराखंड राजनीति: 12 साल बाद रामशरण की कांग्रेस में घर वापसी, बोले-“भाजपा में घुट रहा था दम”

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देहरादून। जौनसार-बावर के कद्दावर नेता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। वह करीब 12 साल पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके बाद अब उन्होंने कांग्रेस में पुन: वापसी की है।

उनकी यह बहुचर्चित वापसी दिल्ली में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य समेत कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुई। रामशरण नौटियाल के साथ विकासनगर नगरपालिका में छह बार सभासद रहे धर्मेंद्र ठाकुर और पूर्व भाजपा नेता सूरत ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है।

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रामशरण नौटियाल पछुवादून की राजनीति का एक जाना-पहचाना और बेहद प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के खिलाफ कड़ा मुकाबला लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि प्रीतम सिंह को 36,853 मत प्राप्त हुए थे और वह 9,436 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान वह वर्ष 1997 में जिला परिषद अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2002 में विकासनगर विधानसभा सीट से एक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में उनकी सक्रियता को लेकर चर्चाएं गर्म थीं।

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कांग्रेस में उनके पुनः शामिल होने पर पार्टी नेताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शैलजा ने कहा कि उनका पुराना साथी अपने घर वापस लौट आया है और वह भाजपा में घुटन महसूस कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी उम्मीद जताई कि उनके आने से उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन और अधिक मजबूत होगा।

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कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद रामशरण नौटियाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सितंबर माह में भाजपा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों पर लगातार उनकी अनदेखी की जा रही थी और उन्हें अपमानित किया जा रहा था। नौटियाल ने कहा कि वह भाजपा की नीतियों और कार्यप्रणाली से आहत होकर कांग्रेस में वापस लौटे हैं।