देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि पीएम मोदी जल्द टिहरी पहुंच सकते हैं… जहां एक तरफ वो बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे… तो वहीं दूसरी तरफ टिहरी झील में उनका बोटिंग एडवेंचर भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांठी पुल तक झील में सफर कर उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन को नई पहचान देने की कोशिश करेंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं रहने वाला… बल्कि विकास और राजनीति दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। करीब 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना है। इसके शुरू होने से टिहरी बांध की कुल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट हो जाएगी।
पीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। टीएचडीसी के अधिकारियों और जिला प्रशासन ने कोटी कॉलोनी क्षेत्र का निरीक्षण किया। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री कुछ समय टिहरी झील में संचालित क्रूज बोट पर भी बिता सकते हैं। इसके साथ ही प्रशासन उनके अल्प प्रवास के लिए आसपास के होमस्टे भी तलाश रहा है… ताकि ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा दिया जा सके और उत्तराखंड की संस्कृति दुनिया तक पहुंचे।
वहीं अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए पीएम का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कोटी कॉलोनी की जनसभा के जरिए भाजपा पूरे गढ़वाल मंडल में बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।
पीएम मोदी के संभावित दौरे से टिहरी के लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। बांध प्रभावित लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उनके लिए कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन सुरक्षा और तैयारियों में जुटा हुआ है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने झील में संचालित बोट और क्रूज की सुरक्षा का परीक्षण भी किया है। अब सभी की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित टिहरी दौरे पर टिकी हुई है… जो विकास, पर्यटन और राजनीति… तीनों लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है।

