उत्तराखंड के जंगलों से साफ होगा प्लास्टिक कचरा, PCB और वन विभाग ने मिलाया हाथ

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देहरादून समेत उत्तराखंड के जंगलों में बढ़ते प्लास्टिक कचरे और कूड़े की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से अब जंगलों में जमा कूड़े को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए बोर्ड वन विभाग को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, क्योंकि बजट की कमी के कारण अक्सर जंगलों की सफाई का काम रुका रहता था। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से भी इसे एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

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चारधाम यात्रा मार्ग के जंगलों पर विशेष ध्यान

वर्तमान में चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है, जिसके कारण यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले जंगलों में कूड़ा और प्लास्टिक कचरा बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन का मुख्य फोकस इन यात्रा मार्गों के आसपास के वन क्षेत्रों और आरक्षित वनों पर है। यात्रियों द्वारा फैलाए जाने वाले प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए सफाई अभियान को और अधिक तेज करने की तैयारी है, ताकि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता बनी रहे।

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फंडिंग के लिए वन प्रभागों को देनी होगी कार्ययोजना

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पराग मधुकर धकाते के अनुसार, बोर्ड वन प्रभागों को सफाई के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित वन प्रभागों को एक विस्तृत कार्ययोजना पेश करनी होगी। इस योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राशि का उपयोग विशेष रूप से संवेदनशील वन क्षेत्रों और उन जगहों पर किया जाए जहाँ कूड़ा एक बड़ी समस्या बन चुका है।

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पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

जंगलों में प्लास्टिक कचरा फेंकना एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरता कम होती है बल्कि जंगली जानवरों द्वारा इसे खा लेने से उनकी जान को भी खतरा बना रहता है। अब बजट की व्यवस्था होने से वन विभाग नियमित रूप से सफाई अभियान चला सकेगा, जिससे आरक्षित वन क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।

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