उत्तराखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अनुशासनहीनता पर सिपाही शेर सिंह सरकारी सेवा से बर्खास्त

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है, जहां दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर छात्र आंदोलन का समर्थन करने वाले पुलिस लाइन के निलंबित सिपाही शेर सिंह को सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस विभाग द्वारा की गई इस सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी मंगलवार को पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने दी।

यह भी पढ़ें -  'कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड?' 18 सितंबर को 140 छात्रों से संवाद करेंगे CM धामी, IAS अफसर भी सुनेंगे विजन

एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे ने बताया कि मामले में कराई गई विभागीय जांच में निलंबित सिपाही शेर सिंह का आचरण उत्तराखंड पुलिस अधिनियम-2007 के तहत गंभीर दुराचार की श्रेणी में पाया गया। इसके साथ ही सिपाही का यह कृत्य उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 का भी स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके चलते सेवा समाप्ति का कठोर निर्णय लिया गया।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: शराब ओवररेटिंग पर सख्त हुईं आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल, लापरवाही पर नपेंगे जिम्मेदार अधिकारी

पिथौरागढ़ पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि बर्खास्तगी के इस आदेश के बाद शेर सिंह अब पुलिस विभाग का हिस्सा नहीं हैं। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में शेर सिंह की किसी भी गतिविधि, कृत्य या बयान के लिए पिथौरागढ़ पुलिस या उत्तराखंड पुलिस प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड कांग्रेस का हमला: गरीबों के घर ठंडे पड़े हैं चूल्हे, तेल बहा रही सरकार'...

विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अनुशासित बल में रहते हुए आचरण नियमावली के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने और विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद सिपाही की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।