अब इंटर पास नहीं, ग्रेजुएट युवा ही बन सकेंगे फॉरेस्टर; आयु सीमा में भी हुआ बड़ा बदलाव

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी नई अधिसूचना के मुताबिक, अब राज्य में वन दरोगा के पद पर होने वाली सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत अब इंटरमीडिएट पास युवा पात्र नहीं होंगे, बल्कि केवल विज्ञान स्नातक युवा ही इस पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड कैबिनेट के 26 बड़े फैसले: खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा, दिव्यांग छात्रों को पासिंग मार्क्स में 5% छूट

राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद शासन ने ‘उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026’ को तुरंत प्रभाव से राज्य में लागू कर दिया है। सरकार ने इस संशोधन के जरिए शैक्षणिक योग्यता बदलने के साथ-साथ युवाओं को आयु सीमा में भी एक बड़ी राहत प्रदान की है।

यह भी पढ़ें -  पिथौरागढ़: मुनस्यारी ब्रिज हादसे का 6 साल पुराना वीडियो वायरल फैलाई अफवाह, DM ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

वन दरोगा पद के लिए सामान्य वर्ग की आयु सीमा, जो पहले 18 से 28 वर्ष हुआ करती थी, उसे अब बढ़ाकर 21 वर्ष से 35 वर्ष कर दिया गया है, जिससे अधिक उम्र के युवाओं को भी परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।

हालांकि, सरकार ने फॉरेस्ट गार्ड के पद पर होने वाली सीधी भर्ती के नियमों और आयु सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है; वन आरक्षी के लिए उम्र सीमा पहले की ही तरह न्यूनतम 18 वर्ष से अधिकतम 25 वर्ष तक ही यथावत बनी रहेगी। सरकार के इस बड़े फैसले से अब वन दरोगा भर्ती प्रक्रिया में अधिक योग्य और उच्च शिक्षित युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।