देहरादून के सौंग बांध से बुझेगी प्यास और मिलेगी 400 MW बिजली, UJVNL को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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उत्तराखंड के देहरादून में बनने वाला सौंग बांध न केवल स्थानीय लोगों की प्यास बुझाएगा, बल्कि इससे राज्य को 400 मेगावाट बिजली भी मिलेगी। पहले इस परियोजना पर सिंचाई विभाग काम करने वाला था, लेकिन अब पंप स्टोरेज पावर प्लांट मॉडल के तहत बिजली उत्पादन का जिम्मा उत्तराखंड जल विद्युत निगम को सौंप दिया गया है, जिस पर सिंचाई विभाग और यूजेवीएनएल के बीच सहमति बन चुकी है।

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इस योजना के तहत बांध के निर्माण और उससे जुड़ी सभी शुरुआती प्रक्रियाएं सिंचाई विभाग ही पूरी करेगा, जबकि राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी जल संस्थान और जल निगम संभालेंगे। पंप स्टोरेज प्लांट की खास बात यह है कि इसमें दिन के समय, जब बिजली की मांग और बाजार दरें कम होती हैं, तब पानी को पंप करके ऊपरी हिस्से में बनी कृत्रिम झील तक पहुंचाया जाएगा और शाम या रात को मांग बढ़ने पर उसी पानी को नीचे छोड़कर टरबाइन के जरिए बिजली बनाई जाएगी।

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इसके अलावा, राज्य में ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए जौनसार क्षेत्र में 600 मेगावाट क्षमता वाले ‘इच्छाड़ी पंप स्टोरेज पावर प्लांट’ पर भी यूजेवीएनएल ने काम शुरू कर दिया है। गंगा और उसकी सहायक नदियों में पर्यावरणीय कारणों से बड़ी परियोजनाओं की सीमित संभावनाओं को देखते हुए सरकार अब इन वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों पर विशेष जोर दे रही है। प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, इस बहुउद्देशीय परियोजना से राज्य की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने और पीक ऑवर में बिजली संकट से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी।