उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है। अब मरीजों को महंगे इंप्लांट और दवाओं के लिए निजी दुकानों या बाहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘अमृत फार्मेसी’ खोलना अनिवार्य कर दिया गया है। यहाँ मरीजों को बाजार की तुलना में बहुत ही कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे।
50 से 70 प्रतिशत तक कम होंगे दाम
अमृत फार्मेसी के खुलने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कैंसर, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं और घुटने व कूल्हे के ट्रांसप्लांट में इस्तेमाल होने वाले महंगे इंप्लांट काफी सस्ते मिलेंगे। जानकारी के अनुसार, यहाँ ये चीजें बाजार के मुकाबले 50 से 70 प्रतिशत तक सस्ती उपलब्ध होंगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा।
इन शहरों के मेडिकल कॉलेजों को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद दून अस्पताल समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में फार्मेसी के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। दून के साथ-साथ हल्द्वानी, श्रीनगर, हरिद्वार और अल्मोड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी अमृत फार्मेसी का संचालन जल्द शुरू किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ताकि मरीजों को जल्द से जल्द यह सुविधा मिल सके।

