देहरादून लैंड फ्रॉड: भू-माफिया और कर्मचारियों की साठगांठ से जमीनों के खेल का बड़ा खुलासा

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देहरादून जिले के सुद्धोवाला और विकासनगर क्षेत्रों में भू-माफियाओं और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से विवादित संपत्तियों को बेचने और भारी मात्रा में स्टाम्प चोरी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रशासन की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि प्रॉपर्टी डीलर विवादित खसरों वाली जमीनों को बेचकर न केवल आम जनता को चूना लगा रहे हैं, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस खेल में सर्किल रेट की आड़ लेकर हाईवे की कीमती जमीनों को गांव की जमीन बताकर कम स्टाम्प ड्यूटी पर रजिस्ट्री की जा रही है।

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सब-रजिस्ट्रार ऋषिकेश का निलंबन और बड़ी गड़बड़ी

इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सब-रजिस्ट्रार ऋषिकेश को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। जांच में पाया गया कि औद्योगिक भूमि की श्रेणी को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बदलकर उसे आवासीय दिखाया गया और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रजिस्ट्री की गई। इससे पहले भी जनवरी में सब-रजिस्ट्रार विकासनगर को अनियमितताओं के चलते निलंबित किया जा चुका है, जो दर्शाता है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं।

पूरी जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बेचा गया

एक विशिष्ट मामले में, डोईवाला तहसील के माजरी ग्रांट में स्थित करोड़ों रुपये की औद्योगिक भूमि को 55 अलग-अलग छोटे भूखंडों में बांटकर बेचा गया। यह साजिश इसलिए रची गई ताकि बड़ी रजिस्ट्री के दौरान होने वाली जांच और स्टाम्प शुल्क से बचा जा सके। इस मामले में दिल्ली की एक कंपनी के निदेशकों द्वारा की गई रजिस्ट्रियों की जांच के बाद डीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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लैंड फ्रॉड समिति और एडीएम स्तर की कार्रवाई

लैंड फ्रॉड समिति के सामने वर्तमान में कुल 125 प्रकरण आए हैं, जिनमें से अकेले देहरादून जनपद के 74 मामले शामिल हैं।गढ़वाल कमिश्नर विनयशंकर पांडे ने 24 अत्यंत गंभीर मामलों में तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भारतीय स्टाम्प अधिनियम की धारा 47-ए के तहत स्टाम्प चोरी पकड़े जाने पर बाजार मूल्य के अनुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है, जिसकी जिम्मेदारी एडीएम (फाइनेंस) की होती है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि विवादित खसरों की सूची रजिस्ट्रार कार्यालय में चस्पा की जानी चाहिए ताकि आम लोग ठगी का शिकार न हों।