मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी जाहिर की है। बैठक में सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की समीक्षा की जा रही थी, जहाँ कई अधिकारी बिना पूरी तैयारी के पहुँच गए थे। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि विभागीय समन्वय (तालमेल) की कमी के कारण विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए और भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों को सख्त हिदायत और रिपोर्ट की मांग
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा एक बेहद गंभीर विषय है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि अब तक कितनी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी लंबित हैं। साथ ही, सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि जनता से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी को खत्म किया जा सके।

लंबित घोषणाओं के लिए समय-सीमा तय
बैठक के दौरान सीएम धामी ने लंबित विकास योजनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन घोषणाओं के लिए अभी तक शासनदेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें हर हाल में 15 जून तक जारी कर दिया जाए। इसके अलावा, उन्होंने सोमेश्वर, रानीखेत और जागेश्वर क्षेत्रों की लगभग 171 घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की और पर्यटन, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की योजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया।

जिलाधिकारियों की जवाबदेही और शिलापट्ट का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कई स्थानों पर काम शुरू होने के बावजूद अभी तक शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यस्थलों पर शिलापट्ट लगवाना संबंधित जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी और इसमें कोताही नहीं बरतनी चाहिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और स्थानीय विधायकों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

