भारतीय रुपया ऐतिहासिक 5.5% हुआ कमजोर, आयात महंगा होने से बजट प्रभावित

ख़बर शेयर करें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल के कारण भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 39 पैसे टूटकर पहली बार 95 के स्तर को पार करते हुए 95.23 पर बंद हुआ. इस साल अब तक रुपया करीब 5.5 फीसदी तक कमजोर हो चुका है, जिससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है, बल्कि घरेलू बजट और थोक महंगाई दर में भी बढ़ोत्तरी होने की आशंका है।

यह भी पढ़ें -  विश्वकर्मा जयंती पर CM धामी का बड़ा संदेश, बोले- 'हुनरमंद युवा और श्रमवीर ही राष्ट्र की असल ताकत'

रुपये की गिरावट के तीन मुख्य कारण

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम महंगे हो गए हैं. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, जिससे तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर होता है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार और बॉन्ड से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं।

अनुमान है कि इस साल अब तक विदेशी निवेशक करीब 20 अरब डॉलर की निकासी कर चुके हैं। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बढ़ते जोखिम के कारण उभरते बाजारों की मुद्राओं पर भारी दबाव है, जिसका सीधा असर रुपये की कीमत पर पड़ा है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में पहली बार आयोजित होंगे 'फिल्म पुरस्कार': सीएम धामी की पहल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

जानकारों का मानना है कि रुपये की विनिमय दर में 10 फीसदी की गिरावट से थोक महंगाई करीब एक फीसदी तक बढ़ सकती है। रुपये के कमजोर होने से आयातित सामान महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और घरेलू बजट पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड 2027 चुनाव : मीडिया सर्वे में धामी लहर का दबदबा बरकरार, हर आयु वर्ग ने लगाई मुहर

सराफा बाजार: चांदी चमकी, सोना हुआ सस्ता

दिल्ली सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में 6,800 रुपये का बड़ा उछाल आया है, जिससे यह 2,49,500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर पहुँच गई है। इसके विपरीत, वैश्विक दबाव और अनिश्चितता के कारण सोना 2,000 रुपये सस्ता होकर 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।