अप्रैल में रसोई गैस खपत 16.16% गिरी, पेट्रोल 6.36% बढ़ा

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पश्विम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में ईंधन की खपत पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में जहां एक तरफ रसोई गैस और विमान ईंधन की मांग में कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल की खपत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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रसोई गैस की खपत में कमी

सालाना आधार पर अप्रैल महीने में रसोई गैस की खपत में 16.16 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है। पिछले साल अप्रैल में यह खपत 26.2 लाख टन थी, जो अब घटकर 22 लाख टन रह गई है। मासिक आधार पर भी इसमें 12.8 प्रतिशत की कमी आई है।

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पेट्रोल और डीजल की मांग में बढ़ोतरी

रसोई गैस के विपरीत, पेट्रोल की मांग में 6.36 प्रतिशत का उछाल आया है और यह 36.7 लाख टन तक पहुंच गई है। इसी तरह डीजल की खपत में भी 0.25 प्रतिशत की हल्की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कुल 82.82 लाख टन रही।

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विमान ईंधन की मांग पर असर

हवाई क्षेत्र में उड़ानों की कमी और कुछ सेक्टर बंद होने के कारण विमान ईंधन की खपत भी प्रभावित हुई है। अप्रैल में इसकी खपत 1.37 प्रतिशत घटकर 7.61 लाख टन रह गई, जो मार्च में 8.07 लाख टन थी।