उत्तराखंड के किसानों के लिए खुशखबरी; पॉलीहाउस योजना के लिए 304 करोड़ सब्सिडी

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उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी डिजिटल पहल की शुरुआत की है। अब नाबार्ड की RIDF योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस बनाने वाले किसानों को अनुदान का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य योजना में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाना और किसानों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए कुल 304.43 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसका वितरण तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के जरिए किया जाएगा।

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ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी सरकार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद विभाग द्वारा इसकी जांच की जाएगी और मौके पर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।जांच में पात्र पाए जाने वाले किसानों को ही सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे।

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सुरक्षित भुगतान और वाउचर सिस्टम

पॉलीहाउस निर्माण का कार्य पूरा होने और अंतिम सत्यापन होने तक वाउचर की राशि ‘लॉक्ड स्टेटस’ में रहेगी। सत्यापन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद ही यह राशि संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यह डिजिटल प्रक्रिया भ्रष्टाचार को रोकने और भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए लागू की गई है।

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बजट और विभागीय सहयोग

इस पूरी परियोजना के लिए नाबार्ड द्वारा 304.43 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस योजना के शुभारंभ के दौरान कृषि सचिव एस.एन. पांडेय, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल और आईटीडीए निदेशक आलोक कुमार पांडेय जैसे प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे।