उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी ‘फ्लोटिंग हट्स’ के संचालन पर जिला प्रशासन ने फिलहाल रोक लगा दी है। यह निर्णय शनिवार शाम को आए तेज आंधी-तूफान के कारण हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें डोबरा-चांठी के पास स्थित इन हट्स के एक्सेल जॉइंट खुल गए थे। हट्स के अस्थिर होने से वहां ठहरे पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने इनका संचालन तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।
SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
शनिवार शाम जब अचानक मौसम खराब हुआ और आंधी-तूफान आया, तो फ्लोटिंग हट्स में करीब 30 पर्यटक ठहरे हुए थे। हट्स के हिलने और जॉइंट्स खुलने से पर्यटक दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुँचकर रात के समय एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया।
जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित
इस गंभीर मामले की जांच के लिए प्रशासन ने एसडीएम सदर कमलेश मेहता की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली एक विशेष समिति बनाई है। इस कमेटी में लोनिवि के इंजीनियर, पुलिस उपाधीक्षक, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और एसडीआरएफ के प्रभारी को शामिल किया गया है।
चार दिन में आएगी रिपोर्ट
जांच समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट अगले चार दिनों के भीतर सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आने और तकनीकी खामियों की जांच होने के बाद ही जिला प्रशासन यह तय करेगा कि फ्लोटिंग हट्स का संचालन दोबारा कब और किन शर्तों पर शुरू किया जाएगा।

