उत्तराखंड सरकार की नई पहल; स्टाम्प अदालतों से निपटेंगे 3000 लंबित मामले

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उत्तराखंड सरकार प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही राज्य स्तर पर ‘स्टाम्प अदालतों’ का आयोजन करने जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जानकारी दी कि हाल ही में आयोजित राजस्व अदालतों की सफलता को देखते हुए अब स्टाम्प मामलों के लिए भी इसी तरह का शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कानूनी उलझनों से राहत दिलाना और लंबे समय से अटके हुए सरकारी राजस्व की रिकवरी करना है।

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राजस्व अदालतों की तर्ज पर नई पहल

प्रदेश में 28 मार्च को आयोजित राजस्व अदालतों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद अब स्टाम्प अदालतों की योजना बनाई गई है। मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, इन अदालतों के माध्यम से स्टाम्प से जुड़े विषयों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। इससे उन हजारों लोगों को फायदा होगा जिनके मामले पिछले काफी समय से लंबित चल रहे हैं।

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₹99 करोड़ की रिकवरी और लंबित मामले

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राज्य में स्टाम्प से संबंधित करीब तीन हजार वाद (मामले) विचाराधीन हैं। इन लंबित मामलों के समाधान से सरकार को लगभग 99 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होनी है। वहीं, दूसरी ओर विभिन्न राजस्व अदालतों में भी करीब 50 हजार केस अभी लंबित हैं, जिन्हें निपटाने के प्रयास जारी हैं।

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आम जनता और सरकारी खजाने को लाभ

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का मानना है कि इस प्रकार की अदालतों के आयोजन से दोहरा लाभ होगा। एक तरफ जहाँ आम लोगों को अपने पुराने विवादों से छुटकारा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने में भी भारी वृद्धि होगी। जल्द ही सरकार इन स्टाम्प अदालतों की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर देगी।