‘देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बर्दाश्त नहीं’: उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्षा ने जताई कड़ी आपत्ति

ख़बर शेयर करें

‘देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बर्दाश्त नहीं’: महिला आयोग अध्यक्ष का खानपुर कांड पर सख्त रुख, SP से तलब की रिपोर्ट
देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने हरिद्वार के खानपुर में नाबालिग से जुड़ी घटना पर संज्ञान लेते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें -  CM हेल्पलाइन तक पहुंचा स्वास्थ्य महकमे का 'मर्ज', आयुर्वेदिक संघ पर लगे गबन के आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 26 अप्रैल को हुई थी। 27 अप्रैल को पीड़िता अचेत अवस्था में मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। महिला आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। अध्यक्ष कंडवाल ने पीड़िता के बयान बदलने के कथित दबाव पर तीखा रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों का साथ देने वाले पुलिसकर्मी भी समान रूप से दोषी माने जाएंगे।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में धर्मांतरण की कोशिश: बसंत विहार में घर में घुसकर दबाव बनाने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार

लिहाजा महिला आयोग ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जबकि पीड़िता परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। वहीं आयोग अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक से मामले की पूरी जानकारी ली और निर्देश दिए कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में जनगणना कार्य में बड़ी लापरवाही: ड्यूटी से गायब 13 कर्मचारियों पर FIR की तैयारी

बहरहाल कुसुम कंडवाल ने इस घटना को देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार और आयोग अत्यंत कठोर नीति अपना रहे हैं।

ADVERTISEMENTS Ad