CM हेल्पलाइन तक पहुंचा स्वास्थ्य महकमे का ‘मर्ज’, आयुर्वेदिक संघ पर लगे गबन के आरोप

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लगता है उत्तराखंड में स्वास्थ्य महकमे को ही ईलाज की दरकार है। कई तरह की बीमारियों से घिरे स्वास्थ्य महकमे में एक और बीमारी से खलबली मच गई है। नए आरोप वाली बीमारी का सेंपल डॉ.कपिल शर्मा ने लिया है जिसे उन्होने मीडिया समेत सीएम हेल्पलाइन की समाधान लैब में भी भेज दिया है।

मीडिया में प्राथमिक लक्षणों का परीक्षण किया जा रहा है। हालांकि फाइनल रिपोर्ट सीएम हेल्पलाइन की समाधान लैब से ही आनी है। बहरहाल माना जा रहा है कि रिपोर्ट जल्द आ जाएगी। दरअसल राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड पर एक बड़ी रकम को इधर-उधर करने को लेकर उंगलियां उठी हैं।

संघ के सदस्य डॉक्टर कपिल शर्मा ने मीडिया के सामने मर्ज के बारे में बताया गया है। जिसमे कहा है कि साल 2021 -22 में राज्य के सभी राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा से जुड़े चिकित्सकों से पचास-पचास हजार रुपए मांगे गए। डॉक्टर कपिल के आरोपों के मुताबिक ये रकम संघ के तात्कालिक अध्यक्ष ने मांगी थी।

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संघ से जुड़े चिकित्सकों को कहा गया कि इस रकम से देहरादून में संघ का एक भवन बनाया जाएगा। लेकिन भवन आज तक नहीं बना। वहीं डॉक्टर कपिल का कहना है कि कही ये रकम जबरन ली गई तो किसी ने स्वेच्छा से भी दी थी। इतना ही नहीं डॉक्टर कपिल ने कुछ दस्तावेजों को मीडिया के सामने रखते हुए संघ के पूर्व अध्यक्ष डाक्टर कृष्ण सिंह नपच्याल पर कई संगीन वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।

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डॉक्टर कपिल की माने तो साल 2015 से 2025 तक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कृष्ण सिंह नपच्याल और तात्कालीन कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने संघ के खाते में जमा धनराशि का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा नहीं रखा। उन्होने जमा-खर्च का ब्योरा सदस्यों के संज्ञान में नहीं रखा और किसी को उसके मांगने पर भी नहीं दिया।

इस दस साल के दौरान न तो कोई आंतरिक ऑडिट कराया गया और न ही उसकी रिपोर्ट संघ के किसी अधिवेशन में प्रस्तुत की गई। डाक्टर कपिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी संघ के भवन निर्माण के लिए इकट्ठा की गई रकम का जिक्र किया जाता है तो पूछने वालों पर अनैतिक दबाव डाला जाता है लेकिन खर्च का ब्यौरा नहीं बताया जाता।

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डाक्टर कपिल की माने तो भवन निर्माण के लिए तकरीबन ढाई करोड़ की रकम इकट्ठी की गई होगी। लेकिन अब तक न तो भवन का पता है न रकम का। ऐसे में उन्होने सीएम हेल्पलाइन के समाधान पोर्टल में वित्तीय अनियमितता की जांच की शिकायत करते हुए न्याय मांगा है।

डॉक्टर कपिल का कहना है कि अगर संघ का भवन नहीं बन पा रहा है तो चिकित्सकों के पचास-पचास हजार रुपए लौटा दिए जांए। होगा क्या ये तो वक्त बताएगा, फिलहाल सूबे का स्वास्थ्य महकमा अपने कारिंदों के कारनामों के चलते फिर से सुर्खियों में आ गया है।

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