उत्तराखंड में फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत अब उनका वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सचिव श्रम श्रीधर बाबू अदांकी ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं और श्रमायुक्त को इन आदेशों को पूरी सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है। वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की यह मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे अब धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार, सभी फैक्ट्रियों को हर हाल में महीने की 7 तारीख तक श्रमिकों के वेतन का भुगतान करना होगा। सचिव श्रम ने स्पष्ट किया है कि वेतन को बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि तय समय सीमा और व्यवस्था का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पारदर्शिता के लिए उठाया गया कदम
वेतन भुगतान की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के संगठनों ने शासन को कई बार प्रत्यावेदन भेजा था। कुछ श्रमिक संगठनों द्वारा कोर्ट में की गई अपील के बाद, कोर्ट ने भी ठोस व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को उनका हक समय पर मिले और उन्हें किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

