राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी परीक्षा को जून में दोबारा आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए उचित और पर्याप्त समय मिल सके। इस संबंध में विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम 20 मई तक जारी कर दिया जाएगा, हालांकि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि परीक्षा पुराने पारंपरिक पेन-पेपर मोड में ही संपन्न कराई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सीयूईटी-यूजी परीक्षा 31 मई को समाप्त होने के बाद, जून के पहले या दूसरे सप्ताह में नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा होने की प्रबल संभावना है। इस बार परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक बिल्कुल नई टीम प्रश्न पत्र तैयार करेगी, जिसमें ऐसे विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा जो पहले कभी एनटीए का हिस्सा नहीं रहे हैं।
छात्रों के भविष्य और मेहनत की सुरक्षा का भरोसा
एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि ईमानदार छात्रों की कड़ी मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि पेपर लीक माफियाओं की वजह से लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य को गहरी चोट पहुंची है, जिसे देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। महानिदेशक ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि यदि उनके पास पेपर लीक या अवैध सैंपल पेपर से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो वे उसे ईमेल के माध्यम से साझा करें, साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
प्रश्न पत्र निर्माण में बड़े बदलाव और नई तकनीक का उपयोग
आगामी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया गया है। नई टीम यह सुनिश्चित करेगी कि पहले की परीक्षाओं में पूछा गया कोई भी पुराना प्रश्न दोबारा न दोहराया जाए। इस बार प्रश्न पत्र के चयन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की भी संभावना तलाशी जा रही है ताकि मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके। सुरक्षा के लिहाज से प्रश्न पत्र बनाने वाली नई टीम के सदस्यों की जानकारी केवल एनटीए के कुछ बेहद चुनिंदा उच्च अधिकारियों तक ही सीमित रखी जाएगी।

