नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी जांच तेज कर दी है और बुधवार को देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस जांच में खुलासा हुआ है कि नीट का प्रश्नपत्र 30 से 40 लाख रुपये तक में बेचा गया था, जिसमें जयपुर से तीन और गुरुग्राम से एक आरोपी को पकड़ा गया है। सीबीआई की टीम ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मुख्यालय से अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जबकि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहाँ परीक्षा दोबारा कराने की मांग की जा रही है।
देशभर में गिरफ्तारियां
सीबीआई ने जयपुर से मांगीलाल, विकास और दिनेश बिवाल को गिरफ्तार किया है, जबकि गुरुग्राम से उत्तराखंड के एक आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र यश यादव को पकड़ा गया है। जांच में सामने आया है कि यश ने नासिक के शुभम खैरनार से 15 लाख रुपये में पेपर खरीदा था, जिसने कथित तौर पर प्रिंटिंग प्रेस के जरिए पेपर लीक कराया था। अब तक की जांच के अनुसार, इस पेपर लीक के तार सात राज्यों से जुड़ चुके हैं और पर्चे को ऊंचे दामों पर छात्रों के बीच फैलाया गया था।
एनटीए पर कार्रवाई और कानूनी पेच
सीबीआई ने एनटीए दफ्तर का दौरा कर डिजिटल सबूत और दस्तावेज एकत्र किए हैं, साथ ही तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण के माध्यम से सुराग जुटाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर एनटीए पर अविश्वास जताया है और शीर्ष अदालत की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की गुहार लगाई है। जांच एजेंसियां अब उन मोबाइल फोन और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं जिनसे मैसेजिंग एप्स के जरिए पेपर का प्रसार किया गया था।

