नीट 2026 परीक्षा अब दोबारा होगी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार से इजाजत मिलने के बाद 3 मई को हुई नीट परीक्षा को रद्द कर दिया है। नई परीक्षा की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। दरअसल नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले को तूल पकड़ता देख, केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से जांच का डिसीजन लिया है। पेपर लीक मामले की जांच अब सीबीआई करेगी और केरलम् से लेकर बिहार और राजस्थान तक, जहां जहां सुराग मिलेंगे हर कनेक्शन को खंगालेगी। ताकि पेपर सिडीकेट का खात्मा हो सके।
बताया जा रहा है कि इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, CBI को हर संभव मदद करेगी। सभी जरूरी दस्तावेज सीबीआई के हवाले किए जाएंगे। मामूली सी राहत की बात ये है कि परीक्षा में बैठे छात्र-छात्राओं को दोबारा से पंजीकरण की जरूरत नहीं है. साथ ही साथ परीक्षा के लिए कोई एक्ट्रा फीस भी नहीं ली जाएगी। हालांकि पहले जमा शुल्क को वापस करने की खबर भी आ रही है।लेकिन इसमे कितनी सत्यता है ये वक्त ही बताएगा।
दरअसल माना जा रहा है कि अगर फीस वापस हुई तो सवाल उठ सकता है कि अगर परीक्षाएं मुफ्त में करवाई जा सकती हैं तो सरकार फिर प्रतियोगियों से शुल्क वसूलती ही क्यों है? बहरहाल खबर है कि इस बार परीक्षा NTA अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तमाल कर करवाएगी।
गौरतलब है कि कि, नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 3 मई को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर करवाया था। लेकिन परीक्षा के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को राजस्थान और उत्तराखंड से पेपर लीक को लेकर सूचना मिली थी। जिसके बाद एनटीए हरकत में आ गई।
बहरहाल देखा जा रहा है कि बीते कुछ सालों से हर बार नीट परीक्षा को लेकर बवाल मचता रहा है। जिसका खामियाजा सीधे-साधे उन प्रतियोगियों को भुगतना पड़ता है जो कोचिंग संस्थानो की मदद से नीट की तैयारी नहीं करते। उनके हालात ऐसे मामलों मे गेहूं के बीच घुन वाले हो जाते हैं जिसे किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं माना जा सकता। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसी कौन सी लापरवाही है जिसकी इस्तमाल कर फायदा उठाने की हिमाकत की जा रही है।

