नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने केंद्रीय जांच ब्यूरो के नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रतिष्ठित पद के लिए देश के अलग-अलग राज्यों के पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। इन संभावित उम्मीदवारों की सूची में पराग जैन, शत्रुजीत कपूर, योगेश गुप्ता, जीपी सिंह और प्रवीर रंजन जैसे अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें से किसी एक को सीबीआई का अगला प्रमुख चुना जा सकता है।
चयन प्रक्रिया और गोपनीयता पर विपक्ष का कड़ा विरोध
बैठक के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे महज एक औपचारिकता करार दिया। राहुल गांधी का आरोप है कि समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए 69 उम्मीदवारों के बारे में जानबूझकर जानकारी छिपाई गई, जो चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया में विपक्ष के नेता को शामिल करने का मूल उद्देश्य संस्थाओं पर किसी एक पक्ष के कब्जे को रोकना था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार ने इस पूरी संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
राहुल गांधी का भाजपा सरकार नियुक्तियों पर निशाना
सीबीआई निदेशक के मामले के साथ-साथ राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के निर्णयों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने के फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी के अनुसार, इस तरह की नियुक्तियां और चयन प्रक्रिया में अपनाई जा रही गोपनीयता लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत निष्पक्षता के खिलाफ है, जिससे जनता का भरोसा इन निकायों से कम हो सकता है।

