देहरादून। नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे चरण में सीट आवंटित होने के बाद दाखिला न लेना अभ्यर्थियों के लिए भारी पड़ सकता है। एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग के तीसरे राउंड को लेकर अत्यंत कड़े निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के भीतर चिकित्सा संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया पूरी न करने पर सीट आवंटन स्वतः रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अभ्यर्थी की सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली जाएगी और वह काउंसलिंग के आगामी चरणों में भाग नहीं ले सकेगा।
विश्वविद्यालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर 2026 को शाम पांच बजे तक सभी जरूरी प्रमाणपत्र ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर तक संबंधित चिकित्सा संस्थान के प्राचार्य के समक्ष उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराना आवश्यक है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन के दौरान किसी भी स्थिति में अंडरटेकिंग या आवेदन की रसीद स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, 5 अक्टूबर 2026 के बाद जारी किए गए जाति, स्थायी निवास या मूल निवास प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे।
तीसरे राउंड की प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘फ्लोट’ का विकल्प पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सीट आवंटित होने के बाद अभ्यर्थी को प्रवेश सुरक्षित करने के लिए उसे अनिवार्य रूप से ‘फ्रीज‘ करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी ऐसा नहीं करता है, तो उसका सीट आवंटन रद्द मान लिया जाएगा। पहले और दूसरे राउंड में फ्लोट का विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को भी इस चरण में आवंटित संस्थान में हाजिर होकर अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सीट फ्रीज करने वाले अभ्यर्थियों को अग्रिम शिक्षण शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना जरूरी होगा। इसके बाद बचा हुआ शिक्षण शुल्क और हॉस्टल फीस सीधे आवंटित चिकित्सा संस्थान में जाकर जमा करनी होगी। एनआरआई (NRI) कोटे के तहत आने वाले अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने के साथ निर्धारित फीस जमा करनी होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तीसरे राउंड में किया गया सीट आवंटन फिलहाल अस्थायी है और अंतिम प्रवेश दस्तावेजों के सफल सत्यापन के बाद ही मान्य होगा। नियमों की अनदेखी करने पर छात्रों को आर्थिक नुकसान के साथ काउंसलिंग से भी बाहर होना पड़ सकता है।

