उत्तराखंड की राजधानी में उद्योग स्थापना के लिए आवंटित सरकारी भूमि के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट में उद्योग मित्रों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कड़े तेवर दिखाते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह को इस मामले की गहन जांच हेतु एक ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ गठित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान यह गंभीर मुद्दा सामने आया कि उद्योग लगाने के नाम पर दी गई भूमि का उपयोग कई जगहों पर अन्य व्यावसायिक या गलत कामों के लिए किया जा रहा है, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए डीएम ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
इसके अतिरिक्त, उद्योगों की पुरानी समस्याओं को ‘मिसिंग लिंक’ के रूप में चिन्हित कर शासन को भेजने, सेलाकुई में 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति सुधारने तथा स्मार्ट मीटर की रीडिंग जंप होने से बढ़े बिजली बिलों की समस्या पर यूपीसीएल को दो-तीन दिन में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध उत्पादन के लिए यूपीसीएल और उद्योगपतियों की संयुक्त बैठक कर शटडाउन का समय पहले से तय करने तथा श्रमिकों के कौशल विकास के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मोहब्बेवाला क्षेत्र में विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग और रेहड़ी-पटरी के अतिक्रमण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पुलिस व नगर निगम को नियमित अभियान चलाने और दोबारा उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की सख्त चेतावनी दी है, जबकि समस्याओं के तुरंत और सीधे समाधान के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

