विवाह स्थल संचालकों ने नगर निगम के नए कर प्रस्ताव का किया विरोध, मेयर और नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन….

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देहरादून, 27 मई 2025 — नगर निगम देहरादून द्वारा व्यवसाय और व्यापार लाइसेंस के तहत विवाह स्थलों, फार्म हाउस और अन्य आयोजन स्थलों पर नया कर लगाने के प्रस्ताव का तीव्र विरोध शुरू हो गया है। 16 मई 2025 को जारी नोटिस के संदर्भ में शहर के वैडिंग प्वाइंट्स व फार्म हाउस एसोसिएशन ने इसे अनुचित और आर्थिक रूप से बोझिल बताया है।

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संचालकों का कहना है कि वे पहले से ही संपत्ति कर और अन्य शुल्कों के भारी बोझ तले दबे हैं, जबकि नगर निगम से किसी भी प्रकार की सीधी सहायता नहीं मिलती। यहां तक कि कचरा निपटान की जिम्मेदारी भी उन्हें खुद उठानी पड़ती है, जिसके लिए उन्हें महंगे निजी वाहन इस्तेमाल करने पड़ते हैं।

इसके अलावा, विवाह स्थलों को फायर एनओसी, एमडीडीए अनुमोदन, और अन्य लाइसेंसों के नाम पर पहले से ही भारी शुल्क देना पड़ता है। संचालकों का दावा है कि एक वर्ष में औसतन 35 से 40 शादियां होती हैं, जबकि पूरे वर्ष स्थल का रखरखाव करना पड़ता है, जो एक बड़ा निवेश मांगता है। इसके बावजूद इन्हें अत्यधिक लाभकारी व्यवसाय मानकर कर लगाया जाना अन्यायपूर्ण है।

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संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम को विशेष रूप से उच्च आय वाले आयोजनों और स्थानों, जैसे बन्नु स्कूल ग्राउंड, पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि सभी विवाह स्थलों पर समान बोझ डाला जाए।

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ऑल इंडिया टेंट डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस विरोध को अपना समर्थन देते हुए नगर निगम से कर प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम विवाह उद्योग को गंभीर आर्थिक संकट में डाल सकता है।