नगर निगम देहरादून की कूड़ा उठान व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे शहर के कई वार्डों में गंदगी का ढेर लग गया है। कारगी स्थित मैकेनाइज्ड कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन पर मशीनें बंद होने के कारण कचरे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि गाड़ियों के खाली न होने के कारण कर्मचारी वार्डों से दोबारा कूड़ा नहीं उठा पा रहे हैं, और जगह की कमी की वजह से कचरा सड़कों और हरिद्वार बाईपास के किनारे फेंका जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैल गई है।
स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग पर संकट
लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक ट्रांसफर स्टेशन का उद्देश्य कूड़े को सीधे मशीनों के जरिए कैप्सूल में भरकर शीशमबाड़ा भेजना था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से यह व्यवस्था लगातार फेल हो रही है। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के आगमन से पहले शहर की यह बिगड़ी सूरत रैंकिंग को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है, जो निगम प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
ट्रांसफर स्टेशन पर अव्यवस्था का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले एक साल से यहाँ स्थिति बार-बार बिगड़ती रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से संबंधित कंपनी के खिलाफ अब तक सिर्फ चेतावनी जारी करने की ही औपचारिकता निभाई गई है। इस बार भी निगम ने कंपनी को हटाने की चेतावनी देने का दावा किया है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता गंदगी और बदबू झेलने को मजबूर है।
नगर निगम का पक्ष
उप नगर आयुक्त तनवीर मारवाह के अनुसार, मशीनों के न चलने के कारण कूड़े की लोडिंग प्रभावित हुई है। फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए कॉम्पैक्टरों के माध्यम से कूड़ा शीशमबाड़ा भिजवाया जा रहा है। उन्होंने स्मार्ट सिटी को इस संबंध में पत्र जारी कर कंपनी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कही है।

