मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड के युवाओं के लिए जर्मनी में नर्स बनने का बेहतरीन अवसर आया है। इच्छुक उम्मीदवार इसके लिए 1 मई तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर्सिंग के लिए भाषा प्रशिक्षण और नौकरी जॉइन करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयनित युवाओं को जर्मनी में ढाई से तीन लाख रुपये प्रतिमाह तक का वेतन मिलेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कौशल केंद्र सहसपुर में 4 मई से शुरू होगा, जहाँ रहने और खाने की नि:शुल्क व्यवस्था होगी।
योग्यता और चयन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार के पास बीएससी नर्सिंग या जीएनएम की डिग्री होनी अनिवार्य है। आवेदन करने के लिए युवाओं को अपने नजदीकी सेवायोजन कार्यालय में जाकर अपना बायोडाटा जमा करना होगा। देहरादून के युवा सर्वे चौक स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या विभाग के मोबाइल नंबर 8755597550 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सिक्योरिटी राशि और अन्य लाभ
प्रशिक्षण के लिए चयनित उम्मीदवारों को 30 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। यह राशि पूरी तरह रिफंडेबल है और जर्मन भाषा का बी-2 (B-2) स्तर पास करने के बाद वापस कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रतिदिन 220 रुपये का भुगतान भी किया जाएगा।
विदेशी रोजगार में बढ़ता उत्तराखंड
उत्तराखंड के युवा केवल जर्मनी ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी नाम कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना के माध्यम से अब तक जापान में केयर वर्कर और आतिथ्य क्षेत्र में 65 युवा और सऊदी अरब में वेयरहाउस वर्कर के रूप में 30 युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। जल्द ही एक अन्य छात्रा का चयन भी जर्मनी के लिए हुआ है, जो वहां अपनी सेवाएं देंगी।

