उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रथम गांव ‘माणा’ पहुंचकर स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों लखपति दीदियों से मुलाकात की। सीएम ने स्पष्ट किया कि स्थानीय उत्पाद न केवल आजीविका का साधन हैं, बल्कि वे राज्य की विशिष्ट पहचान को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों से मजबूत हो रही प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा गांव के भ्रमण के दौरान कहा कि यहाँ की महिलाएं ऊनी वस्त्र और हैंडलूम जैसे उत्पादों के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। माणा गांव अब ‘शत प्रतिशत लखपति दीदी’ गांव के रूप में उभर रहा है, जहाँ 12 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 82 महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। सीएम ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पाद जरूर खरीदें ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को गति मिल सके।
बद्रीनाथ मास्टर प्लान और सुरक्षित यात्रा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि यात्री सुविधाओं, आवागमन व्यवस्था और आधुनिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता पर किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से चारधाम यात्रा को ‘प्लास्टिक मुक्त’ और ‘हरित यात्रा’ बनाने का आह्वान किया, ताकि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता बनी रहे।

