उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों से अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से ‘एक्लाइजेशन’ प्रक्रिया पर जोर दिया है, ताकि यात्री ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों के वातावरण और कम ऑक्सीजन स्तर के अनुसार खुद को ढाल सकें। मंत्री ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जल्दबाजी में यात्रा करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए यात्रियों को रुक-रुक कर आगे बढ़ना चाहिए।
माउंटेन सिकनेस से बचाव के तरीके
पर्यटन मंत्री ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे धीरे-धीरे ऊंचाई की ओर बढ़ें। उन्होंने सुझाव दिया कि हर दो-तीन हजार फीट की चढ़ाई के बाद एक दिन का विश्राम करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य बना रहता है और ‘एक्यूट माउंटेन सिकनेस’ (ऊंचाई पर होने वाली बीमारी) के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो मैदानी इलाकों से सीधे ऊंचे पहाड़ों पर पहुँचते हैं।
सरकार द्वारा यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए प्रदेश भर में 70 पंजीकरण काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, पूरे यात्रा मार्ग पर ठहरने के लिए उचित स्थान, सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

