कांग्रेस को 2023 वाला महिला आराक्षण बिल मंजूर है सरकार लागू करे- गणेश गोदियाल

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष पूरे देश में आमने सामने हैं। हर एक पास अपने –अपने तर्क है। भाजपा विधेयक को मातृशक्ति के लिए हितकारी बता रही है तो कांग्रेस इस विधेयक में हुए बदलाव को लेकर एग्रेसिव है। लिहाजा पूरे देश में विधयेक को लेकर चर्चा है। इधर देहरादून मे भाजपा सरकार ने 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है तो कांग्रेस ने सड़क पर आकर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

देहरादून में कांग्रेस पार्टी ने आज नारी शक्ति बिल पर भाजपा का विरोध किया और विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि कांग्रेस कभी भी महिला आराक्षण का विरोध नहीं करती। अगर करती तो साल 2023 में ही बिल का विरोध होता और बिल संसद में पास होकर कानून नहीं बन पाता। गोदियाल ने कहा परिसीमन और जनगणना से इस राज्य के बड़े हिस्से को नुकसान होगा इसलिए हम संसोधनों का विरोध करते हैं।

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सरकार उस विधेयक को लागू करे जो साल 2023 में पास किया गया था कांग्रेस पूरी तरह से सरकार के साथ है। लेकिन भाजपा बिल को आगे कर झूठ न फैलाए । वहीं उन्होने भाजपा को चुनौती देते हुए कि अगर वाकई में भाजपा सरकार महिलाओं की हितैषी है तो आने वाले विधान सभा चुनाव में मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण करे और महिलाओं को उनका हिस्सा दे कांग्रेस कभी विरोध नहीं करेगी।

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गोदियाल ने कहा अगर सरकार बिना संशोधन वाले बिल को लागू करती है और उसकी जद में गणेश गोदियाल की सीट भी मातृशक्ति के हिस्से में आती है तो वे बेहिचक अपनी पार्टी की महिला कार्यकर्ता के लिए चुनाव में काम करेंगे। इतना ही नहीं उन्होने राज्य के मुख्यमंत्री से कुछ सवाल भी पूछे हैं।

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गोदियाल ने कहा अगर 28 अप्रैल का सत्र सिर्फ विपक्ष की निंदा के लिए आयोजित किया जा रहा है तो हम उसकी निंदा करते हैं और तय है कि कांग्रेस सदन के भीतर भी और बहार भी नारी शक्ति संशोधन अधिनियम का विरोध करेगी। कांग्रेस नारी शक्ति विधेयक के साथ मजबूती से खड़ी है लेकिन संसोधनो के साथ नहीं।

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