सूबे की सरकार ने चार जिलों के मदरसो पर नजरें तिरछी की है। देहरादून,हरिद्वार समेत उधमसिंहनगर और नैनीताल जिले के मदरसों को खंगाला जाएगा। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। दरअसल आरोप हैं कि इन चारों जिलों के मदरसो में बाहरी राज्यों से बच्चों को लाया जा रहा है। मकसद तालीम देना है या कुछ और बच्चे अभिभावकों की मर्जी से लाए गए हैं या जबरन इसकी भी पड़ताल होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियम काएदे का पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बहरहाल सीएम के आदेश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हरकत में आया है. विभाग के विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों को मदरसों की पड़ताल के आदेश दिए हैं। पड़ताल के तहत सत्यापन अभियान चलाकर शासन को हकीकत से रु-ब-रु करवाया जाए। शासन से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि अगर वाकई मे बहारी राज्यों से बच्चे लाए गए हैं तो उनके आगमन का स्रोत,उनके अभिभावकों की सहमति और जिसके साथ वे आए हैं उससे उनका क्या संबन्ध है इसकी भी जांच की जाए और विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाए। सरकार ने सोशल मीडिया में चल रही एक खबर को संज्ञान लिया है जिसमे कहा जा रहा है कि दूसरे राज्यों से बच्चों को उत्तराखंड के मदरसों में लाया जा रहा है।

