किच्छा। उधम सिंह नगर जिले के किच्छा स्थित नवीन मंडी मतगणना स्थल पर शाम होते ही माहौल अचानक बेकाबू हो गया और स्ट्रांग रूम राजनीतिक अखाड़े में बदल गया। मत पेटियों पर पर्दा लगाने के मुद्दे को लेकर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच जमकर खूनी झड़प और मारपीट हुई। इस दौरान मचे भारी उपद्रव और नेशनल हाईवे 74 पर चक्काजाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं।
बवाल की शुरुआत मतगणना केंद्र में रखी मत पेटियों के सुरक्षा इंतजामों को लेकर हुई। किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ मांग कर रहे थे कि मत पेटियों के आगे पर्दा लगाने के बजाय केवल जाली लगाई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसी बात पर अड़कर विधायक समर्थकों संग स्ट्रांग रूम के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
इसी बीच पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और समानांतर धरने पर बैठ गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने स्थिति बिगड़ती देख पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में लेकर दूसरे स्थान पर भेज दिया, जिसके बाद भाजपा समर्थक भड़क उठे।
इसी गहमागहमी के बीच धरना स्थल पर पूर्व विधायक के एक करीबी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि पूर्व विधायक के करीबी ने कांग्रेस प्रत्याशी पर हाथ छोड़ दिया, जिसके जवाब में कांग्रेस प्रत्याशी और समर्थकों ने भी मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते पूरा मंडी परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।
इस हिंसक झड़प में धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मतगणना स्थल के रूप में तय नवीन मंडी परिसर पूरी तरह से रणक्षेत्र में तब्दील हो चुका था और दोनों पक्षों की ओर से जोरदार नारेबाजी और नारेबाजी होने लगी।
हंगामे के बीच विधायक तिलकराज बेहड़ अपनी गिरफ्तारी देने की मांग करते हुए मंडी परिसर से बाहर आ गए। उनके बाहर आते ही समर्थक नेशनल हाईवे 74 पर एकत्र हो गए और हाईवे को जाम करने का प्रयास किया, जिससे यातायात ठप होने लगा और भारी बखेड़ा खड़ा हो गया।

