देहरादून। उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में बिजली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने खटीमा में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के 8.16 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, विधि सदस्य अनुराग शर्मा और तकनीकी सदस्य प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है। इस फैसले से खटीमा टाउन, कंचनबाग, हल्दी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
लोहियाहेड सब-स्टेशन का दबाव होगा कम
खटीमा क्षेत्र में लगातार बढ़ते बिजली लोड और लोहियाहेड सब-स्टेशन पर अत्यधिक दबाव को देखते हुए यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
योजना के तहत पिटकुल के 132/33 केवी जीआईएस सब-स्टेशन खटीमा से फीडरों को जोड़ने के लिए 5.15 किलोमीटर लंबी पांच नई 33 केवी लिंक लाइनें बिछाई जाएंगी। साथ ही सब-स्टेशन में एक नया 33 केवी बे भी तैयार किया जाएगा।
70% लोन और 30% इक्विटी से होगा वित्तपोषण
इस पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 8.16 करोड़ रुपये तय की गई है। वित्तीय व्यवस्था के तहत इसका 70 प्रतिशत हिस्सा कर्ज और 30 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी के जरिए जुटाया जाएगा। आयोग ने वित्तीय समीक्षा के बाद इस लागत ढांचे को हरी झंडी दी है।
नियामक आयोग ने यूपीसीएल को काम में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि केबल क्षमता की दोबारा जांच की जाए और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अगले 6 महीने के भीतर पूरा निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।

