Udham Singh Nagar: एकलव्य विद्यालय के भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल, प्रधानाचार्या पर गिरी गाज

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ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले स्थित खटीमा के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छात्रावास में मिलने वाले खराब भोजन और कुप्रबंधन के विरोध में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों के उग्र प्रदर्शन के बाद जनजातीय कल्याण उत्तराखंड के निदेशक एसएस टोलिया के आदेश पर प्रधानाचार्या भारती यादव को तुरंत प्रभाव से हटाकर जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय ऊधमसिंह नगर से संबद्ध कर दिया गया है।

खटीमा के इस आवासीय विद्यालय में अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए कक्षा 6 से 12वीं तक की शिक्षा की व्यवस्था है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे छात्रावास के बच्चों ने परिसर में ही मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विद्यार्थियों का आरोप था कि छात्रावास में उन्हें इंसान के खाने लायक भोजन नहीं दिया जा रहा है।

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छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जांच में विद्यालय में परोसे जा रहे राशन और भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि छात्रों को दिए जा रहे पीने के पानी में चींटियां तैर रही थीं और पौष्टिक मौसमी सब्जियों के बजाय उन्हें सिर्फ केले थमा दिए जाते थे।

इसके अलावा, उपनेता प्रतिपक्ष व विधायक भुवन कापड़ी और प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में राशन गोदाम में रखे चावल, आटा और दालों के पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग तथा एक्सपायरी डेट गायब मिली, जबकि बच्चों के लिए रखा गुड़ पूरी तरह से गला और सड़ चुका था। यही नहीं, विद्यालय परिसर के शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ था और संस्थान में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती भी नहीं पाई गई।

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मामले की संवेदनशीलता और छात्रों के भारी आक्रोश को देखते हुए खटीमा के उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, विधायक भुवन कापड़ी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों की सभी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। जांच रिपोर्ट में कमियां उजागर होने के तुरंत बाद जनजातीय कल्याण निदेशालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या भारती यादव को हटाकर जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया।

इसके साथ ही, विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षक रोशन झिंकवान को संस्थान का नया प्रभार सौंप दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर हुई इस त्वरित कार्रवाई और समस्याओं के निस्तारण का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही विद्यार्थियों ने अपना विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन समाप्त किया।

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स्थल पर निरीक्षण और वार्ता के दौरान दायित्वधारी गंभीर धामी, जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी भानुप्रताप कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई पर अपना रुख और पक्ष जानने के लिए जब निवर्तमान प्रधानाचार्या भारती यादव से संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका।

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