देहरादून। राजधानी देहरादून में मंगलवार को हुई बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन होने से तीन प्रमुख ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इसके साथ ही ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने 23 जर्जर भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी है।
मंगलवार को चकराता, विकासनगर, कालसी, त्यूणी और मसूरी में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि देहरादून शहर, डोईवाला और ऋषिकेश में बादल छाए रहे। जिले में औसतन 2.78 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की 11 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण मलबे से तीन रास्ते ठप पड़े हैं। इनमें चकराता-लाखामंडल मार्ग (किमी 21), त्यूणी-कथियान-बोराड़ मार्ग (किमी 1) और प्रसिद्ध पर्यटक स्थल को जोड़ने वाला सहस्रधारा-चामासारी मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग मलबे को हटाकर रास्ता खोलने में जुटा है।
बारिश के चलते नदियों के जलस्तर पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा का जलस्तर 338.98 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर 339.50 मीटर के बेहद करीब है। वहीं यमुना नदी का जलस्तर 454.61 मीटर और टोंस नदी का जलस्तर 644.50 मीटर दर्ज किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम देहरादून क्षेत्र में 23 अति-संवेदनशील और जर्जर भवनों को चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर हादसों को रोकने के लिए इन खतरनाक ढांचों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा सुभाषनगर, सपेरा बस्ती और मोती बाजार को अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित कर मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया है। प्रशासन ने जलभराव, पेयजल और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम को 24 घंटे अलर्ट रखा है।

