पाबौ में बारिश से मकान ढहा, जान तो बच गई पर हाथ कुछ रहा नहीं

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उत्तराखंड में आसमान से बारिश नही बरस रही है बल्कि तबाही का पानी बरस रहा है । पौड़ी गढ़वाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं पाबौ ब्लॉक के सकन्याणा गांव में बारिश ने एक परिवार को बेघर कर दिया।

गनीमत ये रही कि घर में मौजूद सदस्य मकान के जमीदोज होने से पहले आनन-फानन में सही सलामत बाहर निकल गए। उनके बाहर निकलते ही मकान भरभराकर भारी आवाज के साथ जमीन पर पसर गया। जानकारी के मुताबिक मकान रमेश चंद्र पोखरियाल का था। कल तक गांव में मकान के मालिक रमेशचंद्र अब बेघर हो गए हैं. मकान के मलबे में घर रखा सारा माल-असबाब दब गया है।

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जरूरी कागजात से लेकर खाने-पीने का सामान सब बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। अब रमेश चंद्र के पास न खाने के लिए राशन है न पहनने के लिए कपड़े। न पत्नी के गहने हैं न कोई जरूरी दस्तावेज। जो नकदी थी वो भी मलबे में दब गई है । पोखरियाल परिवार पूरी तरह से सड़क पर आ गया है। अब न सर छिपाने के लिए कोई छत है न पेट भरने के लिए अनाज। न कुछ खरीदने के लिए पैसे हैं न पहनने के लिए कपड़े। जो तन में हैं उनसे ही काम चलाना होगा। मन में मकान ढहने का गम है आंखों में बर्बाद होने के आंसू ।

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हालांकि बारिश के कहर से बेघर हुए परिवार की खबर जिला प्रशासन तक पहुंचा दी गई थी जिसे बाद राजस्व महकमे के मुलाजिमो नें मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया । उधर जिलाधिकारी स्वाति एस भदोरिया ने अपने मातहतों को पीड़ित परिवार के लिए राहत का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। बहरहाल सवाल ये है कि अब बारिश इतने सदमें क्यों दे रही है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड विकास के साइड इफैक्ट को सहन न कर पा रहा हो और सिस्टम हिमालय के मिजाज की अनदेखा कर रहा हो।

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