हरिद्वार में पर्यटन और यातायात को सुगम बनाने के लिए एक आधुनिक रोपवे का निर्माण किया जाना है। इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए उत्तराखंड के सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिया है कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को जल्द आगे बढ़ाया जाए। इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास है, जिसे हासिल करने के लिए उत्तराखंड शासन जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजेगा। यह रोपवे न केवल यात्रियों का समय बचाएगा, बल्कि हरिद्वार आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक नया आकर्षण भी बनेगा।
99 साल की लीज पर जमीन लेने की तैयारी
रोपवे स्टेशन और संबंधित संरचनाओं के निर्माण के लिए जिस जमीन की जरूरत है, वह यूपी सरकार के स्वामित्व में है। सचिव आवास ने निर्देश दिए हैं कि इस भूमि को ₹1 प्रति वर्ष की नाममात्र दर पर 99 वर्षों की लीज पर उत्तराखंड आवास विभाग को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए उत्तराखंड सिंचाई विभाग के माध्यम से यूपी शासन से संपर्क किया जाएगा। साथ ही, सचिव ने प्रोजेक्ट की रियायत अवधि को 30 साल अतिरिक्त बढ़ाने का सुझाव भी दिया है।
PPP मॉडल और निर्माण लागत
इस रोपवे परियोजना का कार्यान्वयन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत ‘DBFOT’ (Design, Build, Finance, Operate, and Transfer) आधार पर किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जमीन और अन्य क्लीयरेंस को छोड़कर इस आधुनिक ढांचे के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग ₹75 करोड़ प्रति किलोमीटर आंकी गई है। इसमें रोपवे स्टेशन, कार्यशाला और अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं अलग से शामिल होंगी।
अगले चरण की कार्यवाही
समीक्षा बैठक के दौरान, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी बृजेश मिश्रा ने प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट को DPR स्तर पर अनुमोदित करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए व्यय वित्त समिति के पास प्रस्तुत किया जाए, ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू हो सके।

