Haridwar Kanwar Yatra 2026: 82 लाख से अधिक पहुंचे शिवभक्त, ड्रोन और साइबर कमांडो तैनात

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देहरादून। कांवड़ मेला-2026 के दौरान अब तक 82 लाख से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार और आसपास के मेला क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। आईजी गढ़वाल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता कर मेले की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस समीक्षा के बाद पुलिस प्रशासन को मुस्तैद रहने और श्रद्धालुओं को सुगम व्यवस्थाएं देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

आईजी गढ़वाल ने मेला क्षेत्र में तैनात सभी पुलिस बलों को हर समय चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की त्वरित सहायता के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष क्यूआर कोड जारी किया है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करके कांवड़ यात्री अपनी किसी भी समस्या की जानकारी देकर सीधे पुलिस से मदद प्राप्त कर सकते हैं।

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पुलिस प्रशासन ने 08 अगस्त से 11 अगस्त तक चलने वाली डाक कांवड़ और 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि/मुख्य जलाभिषेक पर्व के लिए रेंज स्तर पर विशेष अलर्ट जारी किया है। अब तक हरिद्वार में 76 लाख 85 हजार से अधिक और नीलकंठ क्षेत्र में 5.72 लाख से अधिक कांवड़ यात्री पहुंच चुके हैं, जबकि इस दौरान मेला क्षेत्र में 70 हजार से अधिक वाहन दर्ज किए गए हैं।

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सुरक्षा, निगरानी और श्रद्धालुओं के लिए तय मुख्य नियम

पूरे मेला क्षेत्र को 22 सुपर जोन, 67 जोन और 200 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल, ATS, BDDS, SDRF और जल पुलिस तैनात है। हरिद्वार में 10 ड्रोन जोन बनाए गए हैं, जबकि नीलकंठ और ऋषिकेश में 4 अतिरिक्त ड्रोन तैनात हैं।

चारधाम कंट्रोल रूम से 529 से अधिक सीसीटीवी कैमरों द्वारा 24 घंटे निगरानी की जा रही है। अफ़वाहों पर लगाम लगाने के लिए साइबर कमांडो तैनात हैं। सुरक्षा और विद्युत तारों के दृष्टिगत पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकी की ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है।

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गंगा घाटों पर तैनात एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों ने अब तक 18 कांवड़ यात्रियों को डूबने से बचाया है, जबकि खोया-पाया सेल ने 20 गुमशुदा लोगों को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया है। सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस पड़ोसी राज्यों के पुलिस-प्रशासन से निरंतर संवाद स्थापित कर रही है। आईजी गढ़वाल ने स्पष्ट किया कि 11 अगस्त के मुख्य जलाभिषेक पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी टीमें पूरी तरह तैयार हैं।

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