देहरादून। राजधानी देहरादून के पं. दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन अस्पताल) में मरीज की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती एक मरीज को स्टाफ द्वारा जुलाई माह में एक्सपायर हो चुका इंजेक्शन लगाया जा रहा था। मरीज की सजगता से ऐन मौके पर इसका खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने फार्मेसी व नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है।
सहस्त्रधारा रोड निवासी गौरव गुलाटी का छह दिन पहले कोरोनेशन अस्पताल में हर्निया का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उन्हें सर्जरी वार्ड में रखा गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान वार्ड स्टाफ ने उन्हें जो इंजेक्शन लगाने के लिए दिया, उसकी समय सीमा बीत चुकी थी।
इंजेक्शन लगने से ठीक पहले गौरव गुलाटी ने दवा की शीशी पर छपी एक्सपायरी डेट देखी, जो जुलाई 2026 की थी। एक्सपायरी डेट देखते ही मरीज ने इंजेक्शन लगवाने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना ने जिला अस्पताल में दवाओं के रख-रखाव, वितरण और वार्डों तक दवाएं पहुंचने से पहले होने वाली क्रॉस-चेकिंग व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यतेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित फार्मेसी और नर्सिंग कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

