देहरादून। राजस्व परिषद देहरादून में आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अल्मोड़ा स्थित राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण की रूपरेखा तैयार की गई। इसका मुख्य उद्देश्य संस्थान को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से ढालना और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
आयुक्त रंजना राजगुरु ने अधिकारियों को संस्थान के प्रशासनिक और प्रशिक्षण ढांचे में तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और राजस्व उप निरीक्षक के प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र है। इसलिए यहाँ के ढांचे को आधुनिक बनाना बेहद जरूरी है।
बैठक में जोर दिया गया कि नया प्रशिक्षण ढांचा ऐसा हो जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और भू-अभिलेखों के डिजिटल प्रबंधन में निपुण हो सकें। अधिकारियों के इस प्रशिक्षण से आम जनता को भूमि और राजस्व से जुड़ी सेवाएं अधिक पारदर्शी और त्वरित रूप से मिल सकेंगी।
तकनीकी आधुनिकीकरण के तहत संस्थान में अब डीजीपीएस रोवर और ईटीएस जैसे आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा अनुभवी प्रशिक्षकों की समय-समय पर तैनाती करने और जीआईएस व ई-गवर्नेंस से संबंधित सॉफ्टवेयर सिखाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक के दौरान डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत मिले बजट का शत-प्रतिशत और समयबद्ध इस्तेमाल किया जाए। साथ ही संस्थान परिसर में एक आधुनिक प्रशिक्षण लैब स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
संस्थान की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिकारियों से तत्काल प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि प्रशिक्षण सामग्री या अन्य संसाधनों की आवश्यकता है, तो उसका प्रस्ताव तुरंत राजस्व परिषद को भेजा जाएगा ताकि बजट आवंटन और स्वीकृति की प्रक्रिया बिना देरी के पूरी की जा सके।
बैठक में संस्थान के भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान और पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी हुई। जर्जर भवनों की मरम्मत, नए निर्माण कार्यों और मैदान के उन्नयन के लिए शासन स्तर से जल्द स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छात्रावास और मेस की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। परिसर में स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है।

