उत्तराखंड परिवहन निगम ने प्रदेश में आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन की संवेदनशीलता को देखते हुए रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर अगले छह महीने के लिए पूर्ण रोक लगा दी है। रोडवेज मुख्यालय के जीएम संचालन, क्रांति सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब निगम के किसी भी परिसर, डिपो, कार्यशाला या बस स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार या किसी भी प्रकार का आंदोलन प्रतिबंधित रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य यात्रियों को सुगम परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है, ताकि राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक सीजन के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
हड़ताल करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी कर्मचारी या यूनियन इस आदेश का उल्लंघन करती है या बस संचालन में बाधा डालने का प्रयास करती है, तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों (RM) और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों (ARM) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और जिला प्रशासन की मदद भी ली जाएगी।
पर्यटन और चारधाम यात्रा की सुरक्षा सर्वोपरि
इस प्रतिबंध का मुख्य कारण राज्य में बढ़ते पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या है। रोडवेज प्रशासन का मानना है कि इस व्यस्त समय में किसी भी प्रकार की हड़ताल से यात्रियों को भारी दिक्कत हो सकती है और राज्य की छवि पर भी इसका असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि परिवहन की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह के कदम उठाए जाते रहे हैं, जैसा कि नवंबर 2025 में भी किया गया था।

