उत्तराखंड के चम्पावत जिले में पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद अभी तक निशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। कक्षा 6 से 10 तक की छात्राओं को सरकारी योजना के तहत मिलने वाली इन किताबों का बेसब्री से इंतजार है। समय पर किताबें उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता बनी हुई है।
सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई पर संकट
विद्यालय की प्रधानाचार्य भुवनेश्वरी फोनिया ने बताया कि उनके स्कूल में कुल 360 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सत्र शुरू हुए काफी समय बीत गया है, लेकिन कक्षा 6 से 10वीं तक की छात्राओं को एक भी किताब नहीं मिली है। मजबूरन छात्राएं पुरानी किताबों या बिना किताबों के ही पढ़ाई करने को विवश हैं। सरकार की निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना होने के बावजूद जिले के कई स्कूलों में किताबों की सप्लाई नहीं हो पाई है।
कुछ विषयों की किताबों का वितरण
हालांकि कुछ उच्च कक्षाओं में आंशिक रूप से किताबों का वितरण हुआ है। इंटरमीडिएट (कक्षा 11 और 12) के लिए अर्थशास्त्र की 74, मनोविज्ञान की 65, गृह विज्ञान की 74 और हिंदी विषय की 74 किताबें मिली हैं। वहीं हाईस्कूल के लिए हिंदी की 60 किताबें विद्यालय को प्राप्त हुई हैं, जिन्हें वितरित कर दिया गया है। लेकिन शेष छात्राओं के पास अब भी नई सामग्री का अभाव है।
शिक्षा विभाग का आश्वासन
मामले पर संज्ञान लेते हुए चम्पावत के प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, मान सिंह बिष्ट ने कहा है कि किताबों की सूची निदेशालय को पहले ही भेजी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जैसे-जैसे किताबें प्राप्त हो रही हैं, उन्हें विद्यालयों को भेजा जा रहा है। जल्द ही सभी छात्राओं तक पूरी किताबें पहुँचा दी जाएंगी ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।

