उत्तराखंड: गिरधारी लाल साहू अंडरग्राउंड, बरेली से खाली हाथ लौटी दून पुलिस, आज दर्ज हो सकते हैं बयान

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उत्पीड़न और धोखाधड़ी के मामले में गठित एसआईटी आज दोपहर बाद उनके बयान दर्ज कर सकती है। रविवार को व्यस्त दिनचर्या के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके थे, जिसके चलते आज यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की तलाश तेज कर दी गई है, जो मुकदमा दर्ज होने के बाद से अंडरग्राउंड चल रहा है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए दून पुलिस की एक टीम आरोपी की सुरागकशी के लिए बरेली गई थी। हालांकि, संभावित ठिकानों पर आरोपी के न मिलने के कारण पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। एसआईटी प्रभारी जया बलोनी ने बताया कि नए राज्यपाल के देहरादून आगमन पर सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस अधिकारियों की व्यस्तता के कारण बयान दर्ज करने की कार्रवाई आज के लिए तय की गई।

यह भी पढ़ें -  रुद्रपुर में पुलिस मुठभेड़, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार8 तमंचे बरामद

आरोपी पति की मुश्किलें अदालत के एक कड़े फैसले से और बढ़ गई हैं। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश अंजली बैंजवाल की अदालत ने साहू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पत्नी के पद के प्रभाव से गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ था और उसने अपने पैरोकार के जरिए अर्जी दाखिल की थी।

यह भी पढ़ें -  अटल जी नसीहत और आज की हकीकत

पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है और लगातार ठिकाने बदल रहा है। एसआईटी अब उसकी व्यावसायिक कंपनियों की कुंडली खंगालने के साथ अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश देने की रणनीति बना रही है। इसके साथ ही, जिन दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें भी कब्जे में लेकर गहन जांच की जाएगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपनी आधिकारिक शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं कि साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों की बात छिपाकर 6 जुलाई 2004 को उनके साथ धोखाधड़ी कर विवाह किया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अन्य महिलाओं से अवैध संबंधों का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और सरकारी आवास में स्टाफ के सामने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में बढ़ा 'डिजिटल अरेस्ट' का खतरा: 77 वर्षीय बुजुर्ग दंपती से 50 लाख ठगे

इसके अलावा, फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाने और एक ऑडियो क्लिप के जरिए उनकी हत्या की साजिश रचे जाने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। पुलिस इन सभी बिंदुओं, तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।